ज़िन्दगी इसी का नाम है' जवाहर कला केंद्र में पिपलांत्री पर आधारित डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन


जयपुर। जवाहर कला केंद्र में 'आई ड्रीम प्रोडक्शन' द्वारा निर्मित डॉक्युमेंट्री 'ज़िन्दगी इसी का नाम है' प्रदर्शित की गयी। सामाजिक और वैचारिक दृष्टि से बनाई गयी यह डॉक्युमेंट्री पद्मश्री श्री श्याम सुंदर पालीवाल के पंचायती विकास और सामाजिक उत्थान के कार्यों पर आधारित है। उन्होंने पिपलांत्री ग्राम पंचायत का सरपंच और फिर पंचायत सदस्य होते हुए उस पंचायत को राजस्थान की मॉडल  पंचायत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। पिपलान्त्री राजस्थान की पहली निर्मल ग्राम पंचायत है।

कार्यक्रम में राजसमंद की सांसद दीया कुमारी मुख्य अतिथि और पद्मश्री श्याम सुंदर पालीवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सांसद दीया कुमारी ने पिपलांत्री ग्राम पंचायत में किये गए कार्यों की प्रशंसा की और एक सांसद के रूप में उसे आगे बढ़ाने के अपने प्रयासों के बारे में चर्चा की। उन्होंने डाक्यूमेंट्री को बहुत शिक्षाप्रद बताया तथा सुझाव दिया कि यह अंग्रेजी में भी होनी चाहिए ताकि पिपलांत्री में हुए नवाचार दुनिया के तमाम देशों तक पहुंचें।

डाइरेक्टर-प्रोड्यूसर कृष्णकांत द्वारा निर्मित डॉक्युमेंट्री इस डाक्यूमेंट्री को वरिष्ठ पत्रकार अमृता मौर्य ने लिखा है, और सूत्रधार की भूमिका संजय पारीक ने निभाई है। डॉक्यूमेंट्री के सिनेमैटोग्राफर्स सुभाष और रमेश के कैमरे सुन्दर फिल्मांकन से डॉक्यूमेंट्री बहुत सुन्दर बन पड़ी है।  

पालीवाल जी द्वारा पिपलांत्री में किए गए जल संरक्षण तथा बेटी, वृक्ष, जमीन, जंगल, गोचर भूमि और वन्यजीवों को बचाकर लोगों को प्राकृतिक आधारित रोजगार उपलब्ध करा कर ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे अभूतपूर्व कार्यों को लोगों तक पहुंचने के उद्देश्य से यह डाक्यूमेंट्री बनाई गयी है। पंचायत की विकास यात्रा पर बनी यह डाक्यूमेंट्री बहुत शिक्षाप्रद व प्रेरणादाई है। इस स्क्रीनिंग का उद्देश्य सरपंचों को शिक्षित करना भी है जिससे वे अपनी पंचायतों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर विकसित करें तथा समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

पद्मश्री श्याम सुंदर पालीवाल ने दर्शकों के समक्ष अपनी पूरी विकास यात्रा जिसे  सुखद अनुभव था। कार्यक्रम का सञ्चालन अमृता मौर्य ने किया।

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