सुनिश्चित जवाबदेही के लिए रिसपांसिबल गर्वनेंस आवश्यक : सुभाष गर्ग


बैस्ट रिपोर्टर न्यूज,जयपुर । जयपुर, 04 अप्रैल । तकनीकी शिक्षा एवं आयुर्वेद मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा है कि विकास से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में ब्यूरोंक्रेटस तथा टेक्नोक्रेटस की सुनिश्चित जवाबदेही रेन्सपोसिबल गर्वेन्स के लिए आवश्यक  है। 

रंग पर्व के उपलक्ष्य में लोहागढ़ विकास परिषद एवं भारतीय कला संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में रविवार रात मालवीय नगर स्थित रॉयल हट्स परिसर में सम्पन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘‘ आओ खेले लोहागढ़ संग होली रे रसिया” में विकास कार्यों की चर्चा करते हुए डॉ. गर्ग ने कहा कि पिछले दो बजट में मुख्यमंत्री ने भरतपुर सहित पूर्वी संभाग को जो जगह दी है पिछले 70 वर्षों में कभी ऐसा नही हुआ। संभाग की जनता मुख्यमंत्री के प्रति आभारी है। ब्रजधाम वंदना से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ।  मनमोहक गीत अधरम मधुरम की धुन पर राधाजी के संग ठाकुर जी के भाव नृत्य से दर्शक अभिभूत हो गए और मंच ब्रजमय हो गया। ब्रजगीत मैरो राधारमण गिरधारी , गिरधारी श्याम बनवारी की मधुर संगीतमय स्वरलहरी के मध्य ग्वालबाल संग गोपिकाओं ने मंच पर सुसज्जित ठाकुर जी कै संग राधा जी स्वरुप को पुष्प पंखुड़ियों से आच्छादित कर सांस्कृतिक संध्या को जीवंत बना दिया। कला संस्थान के विष्णु शर्मा के निर्देशन में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके ब्रज अंचल से आये देवस्वरूप कलाकारों ने आकर्षक मयूर नृत्य की प्रस्तुति से रसिक दर्शकों को आल्हादित कर दिया। इन कलाकारों ने ब्रज में नंदगाव बरसाना की लठमार होरी की याद ताजा करा  दी।


जयपुर के झालाना में टनल बनाने में अग्रणी भूमिका निभा चुके सार्वजनिक निर्माण विभाग के सेवानिवृत मुख्य अभियंता रामबाबू गुप्ता ने कहा कि देश भर में पी.पी.पी. मोड पर यह पहला प्रोजेक्ट है जिसमें निजी वाहनों से टोल नही लिया जाता है। इसी मोड पर उन्होंने भरतपुर में रिंग रोड सहित अन्य प्रोजेक्ट को मूर्त रूप  देने का उल्लेख किया।

डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि विकास परियोजना में राजनेताओं की भूमिका महज दस फीसदी होती है और उन्हें सार्वजनिक जीवन में हर पांच साल में परीक्षा देनी होती है। जबकि 90 फीसदी हिस्सेदार ब्यूरोक्रेट्स एवं टेक्नोक्रेट अपनी विश्वसनीय भूमिका के प्रति प्रायः जवाबदेह नही होते। किसी प्रोजेक्ट के फेल होने में विफलता के लिए एग्जीक्यूटिव जिम्मेदार होने चाहिए। केन्द्र सरकार के जल जीवन मिशन के लक्ष्य प्राप्ति के लिए सार्वजनिक बहस की चुनोती देते हुये तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि नदियों को जोड़े बिना यह मिशन सफल नहीं हो सकता।  भरतपुर में अगले 50 वर्षों में 150 के स्थान पर 390 एमएलडी पानी की उपलब्धता के लिये चम्बल पानी की 3 हजार करोड़ योजना को मुख्यमंत्री ने मंजुरी दी है। भरतपुर में भू-जल का अभाव है इसलिये सतही पानी से पेयजल एवं सिचाई की मांग पूरी करने के लिये विश्वविख्यात केवलादेव राष्ट्रीय उधान में चम्बल से पानी लाने के लिये 750 करोड़ की परियोजना पर काम चल रहा है। भरतपुर में पानी भराव की समस्या के समाधान के लिये 362 करोड़ की योजना बनाई गयी है।  उन्होंने सिस्टम को सुधारने तथा प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने पर बल दिया। 

राष्ट्रीय सेवा योजना के पूर्व राज्य समन्वयक बनय सिंह ने कहा ब्रज संस्कृति से सामाजिक सद्भाव, राग, फाग, मैत्री प्रेम का संदेश मिलता है जो  अन्य संस्कृति को सम्मान देना सिखाती हे। भरतपुर स्थापना दिवस समारोह के माध्यम से लोहागढ़ विकास परिषद की रचनात्मक, उपलब्धियों की सराहना करते हुये उन्होंने कहा कि सामाजिक सांस्कृतिक पक्ष की मजबुती से क्षेत्रीय विकास के लिये राजनैतिक जगत को भी ताकत मिलती है। परिषद के कोषाध्यक्ष गोपाल गुप्ता, सचिव प्रदीप चतुर्वेदी ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी। पूर्व ग्रह सचिव धर्मसिंह सागर, पूर्व मुख्य अभियंता रामबाबु गुप्ता व सुरेन्द्र कालरा ने राधाकृष्ण के चित्र पर पुष्प् अर्पित किये। विनोद गैरा ने आभार व्यक्त किया। परिषद के जगदीश गुप्ता, हरेन्द्र चीमा, मदन कालरा एवं राज कुमार शर्मा ने अतिथियों चन्दन तिलक से स्वागत किया। भरतपुर कॉलेज के  प्रोफेसर अशोक  गुप्ता व पूर्व सहायक शिक्षा निदेशक  रामदास शर्मा ने होली गीत प्रस्तुत किया।