पेलिएटिव केयर पर राज्य की पहली इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस

रिपोर्ट : आशा पटेल


बैस्ट रिपोर्टर न्यूज,जयपुर। 
भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर और इंडियन एसोसिएषन ऑफ पेलिएटिव केयर की और से 11 फरवरी को 29वीं इंटरनेषनल कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडियन एसोसिएशन ऑफ पेलियेटिव केयर की शुरुआत होगी। राज्य में पेलिएटिव केयर विषय पर पहली बार आयोजित होने वाली यह इंटरेषनल कॉन्फ्रेंस में भारत, यूके, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड सहित 15 देशों से 530 से अधिक पेलिएटिव केयर एक्सपर्ट शामिल होगे। कॉन्फ्रेंस के दौरान कैंसर सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों में पेलिएटिव केयर से जुड़े विभिन्न आयामों पर चर्चा की जाएगी। 


भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के पेलिएटिव केयर विभागाध्यक्ष एवं कॉन्फ्रेंस आयोजक डॉ अंजुम खान जोड़ ने बताया कि कॉन्फ्रेंस का आयोजन हाईब्रिड मोड में होगा। जिसके तहत 10 फरवरी को चिकित्सालय परिसर में 9 वर्कषॉप आयोजित की जाएगी। इसमें 6 ऑन लाइन वर्कषॉप शामिल है। मुख्य कॉन्फ्रेंस का उदघाटन समारोह आरएएस क्लब में आयोजित होगी। कॉन्फ्रेंस के सभी सेशन ऑन लाइन आयोजित होंगे। इसमें 34 सेशन 40 से अधिक इंटरनेशनल स्पीकर शामिल है। जिसमें डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन सहित इंटरनेशनल स्पीकर में अमेरिका से डॉ एडुआर्डो ब्रुएरा, डॉ फ्रेंक डी फेरिस, सिंगापुर से डॉ सिंथिया गोह, डॉ चोंग पोह हेंग भी शामिल होंगे।

सिर्फ चार प्रतिशत लोगों को मिल रही सुविधा 

कैंसर, एडस, ऑर्गन फेल्यर जैसी गंभीर बीमारियों में रोगी के दर्द और तकलिफ को कम करने के लिए दी जाने वाली पेलिएटिव केयर देष में लगातार बढती जा रही है। देष में करीब 60 लाख रोगियों को पेलिएटिव केयर की जरूरत पड़ती है, लेकिन पेलिएटिव केयर की सुविधा की कमी के चलते महज चार प्रतिषत लोग ही इस सुविधा का लाभ उठा पा रहे है। डॉ अंजुम का कहना है कि पेलिएटिव केयर प्रदान करना महंगा या खर्चीला नहीं है, प्रशिक्षण के जरिए घर पर भी पेलिएटिव केयर चिकित्सा दी जा सकती है। हर जरूरतमंद को पेलिएटिव केयर मिले इसके लिए जरूरी है कि एनजीओ, समाज सेवी संगठन और आमजन भी इसके लिए आगे आए।

राज्य के डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ को दी टेªनिंग

बीएमसीएचआरसी के अधिशासी निदेशक मेजर जनरल एस सी पारीक ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिषन की ओर से राजस्थान प्रदेष के विभिन्न जिलों के डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टॉफ को पेलिएटिव केयर सपोर्ट प्रोग्राम की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। बीएमसीएचआरसी के पेलिएटिव केयर विभाग की ओर से राज्य के सभी जिलों के 400 से अधिक डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टॉफ को पेलिएटिव केयर का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।