महाराष्ट्र ड्रामें पर भाजपा सांसद अनंत कुमार हेगड़े का विवादास्पद बयान

महाराष्ट्र ड्रामें पर भाजपा सांसद अनंत कुमार हेगड़े का एक बयान आया है। हेगडे ने कहा है कि


''हमें मालूम था कि हमारे पास बहुमत नहीं है फिर भी 80 घंटों के लिए देवेन्द्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई ताकि केन्द्र द्वारा महाराष्ट्र सरकार को दिए गए 40 हजार करोड़ रूपयों को वापस केन्द्र सरकार को लौटाया जा सके और शिवसेना—एनसीपी—कांग्रेस इस पैसे का कोई उपयोग नहीं कर सकें।''


हेगड़े का यह बयान सिद्ध करता है कि भाजपा की प्राथमिकता पार्टी हित है जनहित या राष्ट्रहित नहीं। भाजपा सांसद हेगड़े इसे एक रणनीतिक ड्रामा बता रहे हैं। जब भाजपा सांसद स्वयं इसे ड्रामा बता रहे हैं तथा ये भी मान रहे हैं कि शपथ लेते समय देवेन्द्र फडणवीस के पास बहुमत नहीं था। ऐसी स्थिति में साजिश के तहत बनी इस करीब 80 घण्टों की सरकार द्वारा लिए गये सभी निर्णय गैरकानूनी व असंवैधानिक घोषित किए जाने चाहिए। आखिर राज्यपाल द्वारा किए गये बहुमत के गलत आकलन की सजा महाराष्ट्र की जनता क्यों भुगते। हमारा समस्त विपक्ष एवं भारतीय संविधान में आस्था रखने वाले देशवासियों से अनुरोध है कि वो इस मामले को न्यायालय में चुनौती दें तथा बिना बहुमत के असंवैधानिक रूप से गलत इरादे से 80 घंटों तक मुख्यमंत्री पद पर कब्जा करने वाले देवेन्द्र फडणवीस और उनकी कैबिनेट द्वारा इन 80 घंटों में लिए गये सभी निर्णयों को अवैध व शून्य करार दिलवाया जाए। इतना ही नहीं शपथग्रहण समारोह से लेकर इन 80 घंटों में राजकोष से किए गये सम्पूर्ण खर्च की वसूली भी इस ड्रामें में शामिल लोगों व पार्टी से की जानी चाहिए। राजकोष की राशि जनकल्याण के लिए होती है ना कि किसी व्यक्ति या पार्टी के सियासी ड्रामें के लिए ।



एक बात और राज्यपाल एक बेहद सम्माननीय संवैधानिक पद है परन्तु उसे भी यह अधिकार नहीं है कि वो स्वविवेक के नाम पर संविधान की ही धज्ज्यिाँ उड़ा दे। राज्यपाल पद का दुरूपयोग होता आया है और आज भी हो रहा है परन्तु राज्यपाल पद पर बैठे व्यक्ति को परिपक्वतापूर्ण तरीके से ये समझना होगा कि राज्यपाल पद की शपथ लेते समय वह अपनी निष्ठा देश के संविधान को समर्पित करता है ना कि किसी पार्टी को। जब जब राज्यपालों ने 'सोने के पिंजरे वाले तोते'की तरह पार्टी का कार्यकता बनकर काम किया है,देश के संविधान की हत्या हुई है। क्या देश व संविधान की हत्या करना अब इस देश में कोई अपराध नहीं है? जरा सोचिए ....



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