आरतिया की जयपुर जिला कार्यकारिणी ने किया रिजर्व बैंक गर्वनर का स्वागत


बैस्ट रिपोर्टर न्यूज,जयपुर (रिपोर्ट : आशा पटेल) । अखिल राज्य ट्रेड एण्ड इण्डस्ट्री एसोसिएशन (आरतिया) ने बताया कि ‘‘आरतिया’’ की जयपुर जिला ईकाई की कार्यकारिणी की सभा का आयोजन कार्पोरेट कार्यालय ईडन हाईट्स, बाईस गोदाम सर्किल, जयपुर पर हुआ। सभा में प्रदेषाध्यक्ष श्री विष्णु भूत, मुख्य संरक्षक श्री आषीष अग्रवाल, मुख्य सलाहकार श्री कमल कन्दोई, प्रदेष कार्यकारी अध्यक्ष श्री प्रेम बियानी, जयपुर जिलाध्यक्ष श्री जगन्निधी जत्ती, जयपुर जिला महामंत्री सी.ए. श्री आषीष गुप्ता एवं अन्य पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

सभा में व्यापार व उद्योग के समक्ष आ रही विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें आयात-निर्यात, मेड इन इण्डिया को प्रमोट करने तथा रूस-युक्रेन युद्ध से व्यापार एवं उद्योग पर आने वाले समय पर पडने वाले विपरित प्रभावों सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

आरतिया के प्रदेशाध्यक्ष श्री विष्णु भूत ने बताया कि कोरोनाकाल एवं रूस-युक्रेन युद्ध से बुरी तरह से प्रभावित निर्यातकों को राहत प्रदान करते हुये रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा ब्याज सब्सिडी अवधि, जो कि निर्यातकों को अपने निर्यात आर्डर पूर्ण करने के लिये ब्याज दर में 5 प्रतिषत की छूट की योजना गत कई वर्षों से प्रदान की जा रही थी, जिसे 30 सितम्बर 2021 के बाद बढाया नहीं गया था। अब इसे बैक डेट 1 अक्टूबर 2021 से पुनः लागू कर दिया गया है। कोरोनाकाल एवं रूस-युक्रेन युद्ध के कारण तथा उत्पादन में बढती हुई लागत की वजह से देष का निर्यातक बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है। इस योजना को बढाये जाने से निष्चित रूप से देष के निर्यात में वृद्धि होगी, औद्योगिक उत्पादन एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि के साथ-साथ विदेषी मुद्रा का लाभ भी प्राप्त होगा।

आरतिया के मुख्य संरक्षक श्री आषीष सर्राफ एवं मुख्य सलाहकार श्री कमल कन्दोई ने बताया कि यद्यपि रिजर्व बैंक द्वारा निर्यातकों को राहत प्रदान करने हेतु इस योजना को बढ़ाया गया है, किन्तु अधिसूचना के अनुसार एमएसएमई मैन्यूफैक्चरिंग एक्सपोर्टर्स को 3 प्रतिषत एवं मर्चेंट एक्सपोर्टर्स को 2 प्रतिषत की छूट प्रदान की गई है, जबकि पूर्व में 5 प्रतिषत की छूट प्रदान की जा रही थी। ‘‘आरतिया’’ द्वारा एक पत्र के माध्यम से गर्वनर, रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया से आग्रह किया गया है कि देश के निर्यात एवं निर्यातकों को सम्बल प्रदान करने के लिये छूट की सीमा को पुनः 5 प्रतिशत किया जावे।