मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर ने एक ही सप्ताह में किए दो लीवर ट्रांसप्लांट

                                       रिपोर्ट : आशा पटेल


बैस्ट रिपोर्टर न्यूज,जयपुर। मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर अब मेडिकल टूरिज्म का हब बनता जा रहा है। यहां विदेश से आए हुए दो मरीजों का सफल लीवर ट्रांसप्लांट कर उन्हे नया जीवन दिया गया है। ये दोनों मरीज लीवर सिरोसिस बीमारी से पीड़ित थे। स्वास्थ्य सेवा में अग्रणी के रूप में, मणिपाल हॉस्पिटल्स भारत का दूसरा सबसे बड़ा मल्टी-स्पेशियलिटी हेल्थकेयर प्रदाता है जो सालाना 4 मिलियन से अधिक रोगियों का इलाज करता है। भारत में कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल की हाल ही में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी के अधिग्रहण के साथ, इस एकीकृत संगठन ने आज 4,000+ डॉक्टरों और 10,000+ कर्मचारियों के प्रतिभाशाली पूल के साथ 7,000+ बिस्तरों के साथ 15 शहरों में 27 अस्पतालों के साथ अखिल भारतीय पदचिह्न बढ़ाया है। इसका फोकस अपने मल्टीस्पेशलिटी और तृतीयक देखभाल वितरण स्पेक्ट्रम के माध्यम से एक किफायती, उच्च गुणवत्ता वाला स्वास्थ्य देखभाल का ढांचा विकसित करना है। मणिपाल हॉस्पिटल दुनिया भर के रोगियों के लिए व्यापक उपचारात्मक और निवारक देखभाल प्रदान करता करता है। 

डॉ. शैलेंद्र लालवानी, विशेषज्ञ लीवर ट्रांसप्लांट, मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर ने बताया कि विदेश निवासी 38 वर्षीय श्री मोहम्मद एलियास फ़राज़ी पिछले दो सालों से हेपेटाइटिस-बी के कारण सिरोसिस बीमारी से पीड़ित थी। बीमारी इतनी जटिल थी कि उन्हे इसके कारण कई बार अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा। वहीं साथ में पीलिया और पेट में पानी भरने की परेशानी मरीज को बार-बार हो रही थी, जिसके कारण उनके पेट से कई बार पानी निकालना पड़ता था। सिरोसिस की वजह से उनकी किडनी भी खराब हो गई थी। इन सबके के बीच वह अपने लीवर ट्रांसप्लांट के लिए भी अस्पतालों के चक्कर लगा रहे थे। लीवर ट्रांसप्लांट के लिए जब वह जयपुर आए तो वे बहुत बीमार थे, जिसके बाद उन्हे भर्ती कर उनकी स्थिति को स्थिर किया गया और बाद में उनका सफल लीवर ट्रांसप्लांट किया गया। इस लीवर ट्रांसप्लांट में उनका भतीजा डोनर था। प्रत्यारोपण के कुछ दिनों के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और फॉलोअप जांच में मरीज औऱ उनका डोनर स्वस्थ्य है। 

डॉक्टर ने बताया कि वहीं दूसरे केस में 38 वर्षीय श्रीमती मुनीरा सुल्ताना, जो कि एनएएसएच से संबंधित सिरोयसिस व पीलिया और पेट में पानी भरने जैसे गंभीर समस्याओं से पीड़ित थी। मरीज की जांच के बाद पता चला कि उन्हे लीवर में बेहद गंभीर संक्रमण है, इसके बाद उन्हे लीवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी गई। मरीज का लीवर ट्रांसप्लांट करना बहुत जटिल था, क्योंकि मरीज को बार-बार बेहोशी और रक्तस्राव के कई एपिसोड हो रहे थे। इन सब जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों ने उनका सफल लीवर ट्रांसप्लांट किया गया। इस केस में लीवर का दान मरीज महिला के पुत्र ने किया था। अब दोनों मरीज व डोनर  पूर्णतः स्वस्थ्य है और अपना काम खुद कर रहे हैं।

मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर के हॉस्पिटल डायरेक्टर श्री रंजन ठाकुर ने बताया कि मणिपाल हॉस्पिटल भारत का दूसरा चिकित्सा सेवा प्रदाता समूह है। उन्होंने बताया कि मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर में विश्व स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाएं और अनुभवी डॉक्टरों की टीम जिसमें डॉ. शलैन्द्र लालवानी, डॉ. ललित सहगल, डॉ. संदीप झां, डॉ. मोनिका गुप्ता, डॉ. शकंर लाल, डॉ. रोहित सुरेका एवं डॉ. मीनल मोहित शामिल है। जिसके कारण कोरोना महामारी के दौर में भी दोनों मरीजों का सफल लीवर ट्रांसप्लांट किया गया हैं। उन्होंने बताया कि मणिपाल हॉस्पिटल में राजस्थान व आस-पास प्रदेशों को लीवर प्रत्यारोपण के अलावा कीडनी ट्रांसप्लांट, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, कैंसर केयर, कार्डियक केयर, स्ट्रोक जैसी जटिल चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाकर लोगों को नया जीवन दे रहा है।


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