ऑनलाइन शिक्षा से छात्रों को नहीं,मोबाइल और नेटवर्क कंपनियों को हुआ भारी मुनाफ़ा : नारी चेतना मंच

स्कूली संसदीय समिति की रिपोर्ट पर ध्यान देकर  केंद्र और राज्य सरकार सभी स्कूल खोलें

अजय खरे

बैस्ट रिपोर्टर न्यूज,रीवा (आशा पटेल)। नारी चेतना मंच ने स्कूल संसदीय समिति के द्वारा ऑनलाइन शिक्षा को लेकर रखे गए सवाल और सुझाव का स्वागत किया है और केंद्र और राज्य सरकारो से उस पर अमल की अपेक्षा करते हुए सभी स्कूल खोलने की मांग की है । विदित हो ऑनलाइन शिक्षा की विसंगतियों को लेकर नारी चेतना मंच के तत्वावधान में मई और जून 2021 में आयोजित अंतर्राज्यीय कॉल कांफ्रेंसिंग के द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव रखे गए थे । स्कूल संसदीय समिति ने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी अच्छी बातें रखी हैं लेकिन स्कूल न जाने की स्थिति में बच्चे अपनी पढ़ाई कैसे पूरी करें इसके लिए अभी कोई ठोस सुझाव सामने नहीं आए हैं । ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क समस्या के अलावा बच्चों के पास मोबाइल खरीदने और नेटवर्क पैक के पैसे भी नहीं हैं । वहीं शहरी क्षेत्रों में भी गरीब बच्चों के पास पैसे नहीं है । मध्यम वर्ग भी परेशान है . ऑनलाइन पढ़ाई काफी महंगी हो गई है । अभी तक केंद्र और किसी भी राज्य सरकार ने इस दिशा में पहल नहीं की है । बड़े पैमाने पर मोबाइल और नेटवर्क सेवाओं के कारण संबंधित कंपनियों को प्रतिदिन करोड़ों रुपए का फायदा हो रहा हैं । गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवार इससे बुरी तरह प्रभावित है । गरीबों के बच्चे पढ़ाई से वंचित हुए , लेकिन सरकार ने किसी बच्चे को मोबाइल नहीं दिया है । नारी चेतना मंच ने बताया कि स्कूली संसदीय समिति ने एक वर्ष से भी अधिक समय से स्कूलों के बंद होने के कारण छात्रों के स्वास्थ्य खासकर मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ने का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए स्कूल खोले जाएं। शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति ने कहा है कि ऑनलाइन एजुकेशन वास्तविक शिक्षा नहीं है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ऐसे दौर में कई ऐसे माता- पिता है जिनको डिजिटल माध्यमों की जानकारी नहीं है और कई जगहों पर सुविधाएं भी नहीं है ऐसे में छात्रों को नुकसान हुआ है। मंच ने इसके अलावा भी काफी महत्वपूर्ण सुझाव रखे गए हैं जिस पर केंद्र व राज्य सरकारों को विचार करना चाहिए।

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